Skip to content

Desi banjara

learn and grow together

  • Blessings ki baat karo, burdens ki nahi
    Blessings ki baat karo, burdens ki nahi Buddha teachings
  • Smart Rules for a Strong Marriage - Because love isn’t enough if respect and trust don’t stay alive
    Smart Rules for a Strong Marriage Happiness
  • 5 Texting Habits That Reveal Low Self-Respect
    5 Texting Habits That Reveal Low Self-Respect Human Psychology
  • When Life Pauses, and We Finally Listen
    When Life Pauses, and We Finally Listen Career & Work Life
  • Life Is Short. You’re Here to Contribute, Not Accumulate.
    Life Is Short. You’re Here to Contribute, Not Accumulate. Buddha teachings
  • तनाव दरवाज़ा खटखटाकर नहीं आता - वह चुपचाप ज़िंदगी में बस जाता है
    तनाव दरवाज़ा खटखटाकर नहीं आता – वह चुपचाप ज़िंदगी में बस जाता है Buddha teachings
  • Gratitude Is the Most Powerful Emotion We Can Practice
    Gratitude Is the Most Powerful Emotion We Can Practice Buddha teachings
  • Aapki Sabse Badi Superpower Hai Apna Mood Theek Rakhna
    आपकी सबसे बड़ी ताकत है अपना मूड ठीक रखना Buddha teachings

जब लोग आपकी इज़्ज़त न करें, तब खुद की कीमत कैसे समझें

Posted on December 9, 2025December 9, 2025 By DesiBanjara No Comments on जब लोग आपकी इज़्ज़त न करें, तब खुद की कीमत कैसे समझें

क्यों मजबूत लोग बेइज़्ज़ती/अनादर से टूटते नहीं

जब लोग आपकी इज़्ज़त न करें, तब खुद की कीमत कैसे समझें

कभी किसी बात ने आपको ऐसे चोट मारी है कि आप रात भर सोचते रहे कि आखिर गलती आपकी थी या सामने वाले की?

कभी किसी ने ऐसे लहजे में बात की हो कि दिल में सीधी चुभन उतर जाए?

हम सबके साथ ऐसा हुआ है।

और कई बार ये चोट इतनी भीतर तक जाती है कि इंसान खुद पर ही शक करने लगता है।

लेकिन एक सच है जिसे ज्यादातर लोग काफी देर से समझते हैं।

अनादर अपमान नहीं होता।

अनादर एक जानकारी होता है।

ये बात सुनने में छोटी लगती है लेकिन जिंदगी बदलने वाली होती है।

अनादर आपको ये नहीं बताता कि आप क्या हैं। ये आपको ये बताता है कि सामने वाला इंसान असल में कैसा है।

और इसी सच तक पहुंचने की कहानी हर इंसान अपने तरीके से जीता है।


1. वो दिन जब अनादर बिना बुलाए आपकी जिंदगी में घुस जाता है

सोचिए किसी ऑफिस का एक आम दिन।

आप मेहनत कर रहे हैं, भरोसे से काम कर रहे हैं, अपना दिल लगाकर सब कर रहे हैं।

आपको लगता है कि मेहनत का जवाब इज़्ज़त से मिलेगा।

आपको लगता है कि अच्छे से काम करोगे तो लोग भी अच्छे से पेश आएंगे।

फिर एक मीटिंग में कोई आपकी बात काट देता है।

कोई आपके काम का क्रेडिट ले लेता है।

कोई आपकी आइडिया पर हंस देता है।

और कोई ऐसा कमेंट मार देता है जो सीधा दिल में लगता है।

आपका दिल गर्म हो जाता है।

चुप्पी में एक अंदरूनी गुस्सा उठा रहता है। और उसी पल आप खुद से पूछते हैं,

“मैंने ऐसा क्या कर दिया था?”

यही वह जगह है जहाँ ज्यादातर लोग गलत दिशा में सोचने लगते हैं।

वे समझते हैं कि गलती उनकी है।

वे मान लेते हैं कि शायद वे ही कमज़ोर हैं।

लेकिन अनादर अक्सर खुद दूसरे इंसान की लड़ाई होती है।

वो लड़ाई जो वह खुद के भीतर लड़ रहा होता है।

कोई असुरक्षित है इसलिए आपको नीचा दिखाता है।

कोई डरता है इसलिए आपकी बात काटता है।

कोई खुद को कम समझ रहा होता है इसलिए आपको चोट पहुंचाता है।

अनादर आपके बारे में कुछ नहीं बताता।

ये उनके बारे में सब कुछ बता देता है।


2. बूढ़े आदमी की वह सीख जो जिंदगी का नक्शा बदल देती है

हर किसी की जिंदगी में कभी न कभी कोई ऐसा इंसान आता है जो एक साधारण बातचीत में आपको एक असाधारण सीख पकड़ाकर चला जाता है।

वो कोई बुज़ुर्ग हो सकता है, कोई मेंटर, कोई रिश्तेदार, या कोई अजनबी।

और कभी कभी ये सीख सिर्फ एक लाइन में मिल जाती है।

जैसे कि

“अनादर को घाव मत समझो। इसे संकेत समझो।”

बूढ़े आदमी की इस सीख की गहराई वहीं समझ आती है जब आप किसी के व्यवहार से सच में टूट जाते हैं।

जब आप महसूस करते हैं कि आपके दिल का वजन बढ़ा है और आप समझ नहीं पा रहे कि इसका क्या करें।

फिर अचानक ये लाइन समझ आने लगती है कि

समझदार लोग हर आवाज़ का जवाब नहीं देते।

वे हर अपमान की लड़ाई नहीं लड़ते।

वे हर चोट को दिल पर नहीं लेते।

वे बस ये तय करते हैं कि किस दिशा में चलना है और किससे दूरी बनानी है।

बूढ़ा आदमी जब कहता है कि सिंह को परवाह नहीं होती कि भेड़ उसके दहाड़ पर क्या सोचती है, वह आपको घमंडी बनने के लिए नहीं कह रहा।

वह आपको याद दिला रहा है कि आपकी कीमत छोटी सोच वाले लोगों की राय से तय नहीं होती।

दुनिया हमेशा कुछ न कुछ बोलेगी।

आपकी असली ताकत इस बात में है कि आप किस आवाज़ को महत्व देते हैं।


3. अनादर एक आइना है: ये आपको क्या दिखाता है

जब कोई आपको अनादर करता है, वो चार बातें साफ साफ दिखाता है।

पहली बात: सामने वाले की भावनात्मक परिपक्वता कम है।

जो लोग खुद की इज़्ज़त करते हैं वे दूसरों को चोट नहीं पहुंचाते।

दूसरी बात: उनका निर्णय कमजोर है।

वे आपकी चुप्पी को कमजोरी समझते हैं। आपकी शांति को अनुमति मान लेते हैं।

तीसरी बात: उनके भीतर गहरी असुरक्षा है।

जिस इंसान को खुद से प्रेम होता है वह दूसरों के प्रति कटु नहीं होता।

चौथी बात: वो आपके लोग नहीं हैं।

और यह जानकारी आपको बचा लेती है।

सही लोगों को पहचानना कभी कभी कठिन होता है। लेकिन अनादर ये पहचान आसान कर देता है।


4. लोग अनादर क्यों करते हैं, जबकि आपने कुछ गलत नहीं किया होता

अक्सर आपके व्यवहार का सामने वाले के व्यवहार से कोई लेना देना नहीं होता।

लोग अनादर इसलिए नहीं करते कि आप गलत हैं।

वे अनादर इसलिए करते हैं क्योंकि उनकी अंदरूनी दुनिया असंतुलित है।

कभी उनकी ईर्ष्या बोल रही होती है।

कभी उनकी असुरक्षा।

कभी उनकी हताशा।

कभी उनका डर।

कभी उनका अहंकार।

आप बस गलत समय पर सामने आ गए।

जब ये बात समझ आती है, गुस्सा कम होने लगता है।

क्योंकि आप जानते हैं कि ये आपके बारे में नहीं था।


5. खुद की इज़्ज़त और प्रतिक्रिया में फर्क

अनादर तभी दिल में उतरता है जब हम खुद अपने बारे में अनिश्चित होते हैं।

अगर आपको खुद पर पूरा भरोसा है, तो सामने वाला कुछ भी कह दे, आपकी नींव हिलती नहीं।

अगर किसी ने आपको बेकार कहा, तो इससे फर्क तभी पड़ता है जब कहीं न कहीं आप खुद उस बात से डरते हों।

मजबूत लोग insult इसलिए नहीं लेते क्योंकि वे घमंडी होते हैं।

वे insult इसलिए नहीं लेते क्योंकि वो खुद अपने बारे में साफ जानते हैं।

आपकी प्रतिक्रिया आपकी पहचान है।

आपका शांत रहना आपकी शक्ति है।


6. क्यों आपको अनादर करने वाले लोगों को शक्ति नहीं देनी चाहिए

जब आप किसी के अनादर पर फौरन प्रतिक्रिया देते हैं, तो आप उसे अपनी भावनाओं का रिमोट दे देते हैं।

वह आपका मूड तय करता है।

वह आपके विचारों में जगह ले लेता है।

वह आपको परेशान कर देता है।

आप चाहे चाहें या न चाहें, लेकिन उस पल आप उसके नियंत्रण में आ जाते हैं।

यह वही जगह है जहाँ मजबूत लोग खुद को बचा लेते हैं।

वे प्रतिक्रिया नहीं देते क्योंकि वे नियंत्रण नहीं देना चाहते।

सच्ची ताकत चिल्लाने में नहीं है।

सच्ची ताकत चुनने में है कि किसे जवाब देना है और किसे नहीं।


7. सिंह और भेड़ का रूपक: ये मनोविज्ञान समझाता है

सिंह दहाड़ता है तो जंगल हिलता है।

लेकिन भेड़ें क्या करती हैं?

वे चिल्लाती हैं, एक दूसरे को ढूंढती हैं, फिर अपने झुंड में छिप जाती हैं।

सिंह को फर्क नहीं पड़ता कि भेड़ें क्या सोचती हैं।

वह अपनी दिशा जानता है।

उसे अपने सामर्थ्य पर भरोसा है।

अगर सिंह हर भेड़ की आवाज़ पर रिएक्ट करने लगे तो वह सिंह नहीं रह जाएगा।

वह अपनी ऊर्जा खो देगा।

इंसान भी इसी तरह जीते हैं।

जितना आप हर छोटी आवाज़ पर प्रतिक्रिया देंगे, उतना आप अपने रास्ते से भटकेंगे।


8. जब अनादर अपने ही लोगों से मिलता है

सबसे दर्दनाक अनादर वही होता है जो अपने ही करीबियों से मिले।

क्योंकि वहां भरोसा ज्यादा होता है।

और भरोसा जितना गहरा हो, चोट उतनी ही तेज लगती है।

लेकिन यहां भी सच वही है।

अनादर जानकारी है, फैसला नहीं।

कई बार अपने ही लोग अपनी समस्याओं, तनाव, डर या पुराने घावों की वजह से गलत तरीके से पेश आते हैं।

और उसका दोष हम खुद को दे देते हैं।

यहां भी रास्ता वही है।

जहां इज़्ज़त मिलती है वहां दिल लगाइए।

जहां नहीं मिलती, वहां दूरी बेहतर है।


9. दूर जाना हार नहीं होता

कभी कभी परिस्थितियों से लड़ने के बजाय वहां से उठकर चले जाना ही सबसे बड़ा निर्णय होता है।

ये भागना नहीं है।

ये अपनी शांति की रक्षा करना है।

दूर जाने का मतलब है कि आप हर लड़ाई नहीं लड़ते।

आप सिर्फ उन्हीं लड़ाइयों में उतरते हैं जिनका नतीजा आपकी वृद्धि में बदलता है।

यह व्यवहार कमजोरी नहीं, परिपक्वता है।


10. भावनात्मक दूरी बनाना कमजोरी नहीं, समझदारी है

भावनात्मक दूरी का मतलब ठंडापन नहीं होता।

इसका अर्थ होता है साफ दृष्टि।

आप स्थिति को देखते हैं लेकिन उसमें गिरते नहीं हैं।

आप चोट को समझते हैं लेकिन उसे दिल पर जगह नहीं देते।

यह ताकत आपको प्रतिक्रियाओं से छुटकारा दिलाती है।

आप बहाव में नहीं बहते।

आप लहर को देखते हैं और स्थिर रहते हैं।


11. कैसे अनादर आपकी दिशा बन जाता है

अनादर यह नहीं सिखाता कि दुनिया बुरी है।

यह सिखाता है कि कौन बुरा है।

कौन अच्छा है।

कौन आपको बढ़ाएगा और कौन आपको रोकेगा।

आपके साथ किसी ने कैसा व्यवहार किया, इसमें इतना महत्व नहीं है।

आपने उसके जवाब में कौनसा रास्ता चुना, इसमें सारी बुद्धि छिपी है।

अनादर आपको सही जगह पहुंचाता है, बशर्ते आप पहचानने की कला सीख लें।


12. प्रतिक्रिया आपको छोटा करती है

एक चोट में उतनी ताकत नहीं होती जितनी आप उसके बारे में अपने मन में बनाते हुए विचारों में भर देते हैं।

अगर आप हर अपमान को बार बार याद करके खुद को दुखी करते रहेंगे तो असली नुकसान आप खुद करेंगे।

सामने वाला सिर्फ एक चिंगारी देता है।

आग आप खुद लगाते हैं।

जब आप प्रतिक्रिया को रोक देते हैं, आप आग बुझा देते हैं।

उसके बाद सामने वाला चाहे कितना भी बोले, आपकी शांति को छू नहीं सकता।


13. सबसे बड़ी आज़ादी: लोगों को गलत होने दीजिए

आप चाहे कितना भी समझाएं, कितना भी सही करें, कितना भी साफ बोलें, लोग फिर भी कभी कभी आपको गलत समझेंगे।

और यह जीवन का हिस्सा है।

हर किसी को अपनी कहानी समझाना आपकी जिम्मेदारी नहीं है।

आप सिर्फ एक जिम्मेदारी उठाते हैं।

अपना मन शांत रखना।

लोग गलत हैं तो रहने दीजिए।

आप सही रहिए।


14. अपने लोगों को चुनने की ताकत

जिंदगी में सही लोग सबकुछ बदल देते हैं।

गलत लोग सबकुछ बिगाड़ सकते हैं।

अनादर यह चुनाव आसान कर देता है।

जो आपको नीचा दिखाए, वो आपके लोग नहीं हैं।

जो आपकी बात काटे, वह आपके साथ चलने के लायक नहीं।

जो आपकी मेहनत का सम्मान न करे, वह आपके भविष्य का हिस्सा नहीं होना चाहिए।

छोटा लेकिन सही दायरा बड़ा और गलत दायरे से कहीं बेहतर है।


15. जब आप अनादर को दिल पर लेना बंद कर देते हैं

एक समय ऐसा आता है जब आप बहुत कुछ देख चुके होते हैं।

आप लोगों को समझ जाते हैं।

आप व्यवहारों के पीछे छुपे कारण पहचान लेते हैं।

आप में वो शांत आत्मविश्वास पैदा हो जाता है जिसमें आप किसी की आवाज़ से हिलते नहीं।

आप खुद को ऊपर उठा लेते हैं।

आप समझ जाते हैं कि कौनसा शब्द आपके अंदर आने लायक है और कौनसा नहीं।

और फिर अनादर चोट नहीं देता, बस दिशा देता है।

यही भावनात्मक परिपक्वता है।

यही अंदर की स्थिरता है।

यही असली ताकत है।


16. अलग होना भी विकास का हिस्सा है

हर रिश्ता हमेशा के लिए नहीं होता।

कुछ लोग आपके रास्ते में आते हैं ताकि एक सीख दे सकें।

फिर वे चले जाते हैं और वो ठीक है।

विकास कई बार जोड़ने से नहीं, घटाने से आता है।

कुछ लोगों को जीवन से जाने देना ही आगे बढ़ने का पहला कदम होता है।

अनादर अक्सर संकेत होता है कि अब आगे बढ़ने का समय है।


17. आखिरी समझ

मजबूत लोग जन्म से मजबूत नहीं होते।

वे भी टूटते हैं, रोते हैं, दुखी होते हैं, अपमान झेलते हैं।

लेकिन वे इन घटनाओं को अपने अंदर जगह नहीं देते।

वे इनको दिशा बनाते हैं।

वे समझ जाते हैं कि हर आवाज़ सच नहीं होती।

हर नजर ईमानदार नहीं होती।

हर इंसान आपका भला नहीं चाहता।

और इस समझ के बाद उनका दिल पक्की जमीन पर खड़ा हो जाता है।

अनादर उनकी कमजोरी नहीं बनता।

वह उनकी जागरूकता बन जाता है।

जब यह समझ आ जाती है, आपकी चाल बदल जाती है।

आपका आत्मविश्वास बदल जाता है।

आपका जीवन बदल जाता है।

क्योंकि अब आप लोगों की आवाज़ नहीं सुनते।

आप अपना रास्ता सुनते हैं।

Life lessons, Self improvement, spirituality Tags:apni kimat kaise samjhein, emotional maturity in hindi, izzat kaise mile, life lessons in hindi, log ijjat kyu nahi karte, mental strength hindi, motivational article hindi, personal growth hindi, respect in relationships, self confidence, self improvement Hindi, self respect, self worth, toxic people se kaise bache, workplace disrespect solutions

Post navigation

Previous Post: खुशी वहीं है जहाँ आप उसे चुनते हैं – असली सुख बाहर नहीं, हमारे अपने अंदर पलता है
Next Post: कर्ज लो, पर कर्ज दो मत – सही कर्ज पंख देता है, गलत कर्ज वजन बढ़ाता है

Related Posts

  • लोग आपसे धीरे-धीरे दूर क्यों होने लगते हैं
    लोग आपसे धीरे-धीरे दूर क्यों होने लगते हैं Life lessons
  • Life Is Short. You’re Here to Contribute, Not Accumulate.
    Life Is Short. You’re Here to Contribute, Not Accumulate. Buddha teachings
  • खुशी वहीं है जहाँ आप उसे चुनते हैं – असली सुख बाहर नहीं, हमारे अपने अंदर पलता है Life lessons
  • Your Body Is Always Listening: Har Soch Ka Asar Tumhari Sehat Aur Zindagi Par Kaise Padta Hai
    Your Body Is Always Listening: Har Soch Ka Asar Tumhari Sehat Aur Zindagi Par Kaise Padta Hai Life
  • तनाव दरवाज़ा खटखटाकर नहीं आता - वह चुपचाप ज़िंदगी में बस जाता है
    तनाव दरवाज़ा खटखटाकर नहीं आता – वह चुपचाप ज़िंदगी में बस जाता है Buddha teachings
  • Umr badhti hai, samajh gehri hoti hai, aur phir shanti aapki pehli zaroorat ban jaati hai
    उम्र बढ़ती है, समझ गहरी होती है, और फिर शांति आपकी पहली ज़रूरत बन जाती है Buddha teachings

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.



Categories

  • Buddha teachings
  • Business
  • Career & Work Life
  • Depression
  • Emotional Intelligence
  • Emotional Wellbeing
  • Entrepreneurship
  • Financial Wisdom
  • Gratitude
  • Happiness
  • Human Psychology
  • Inner Growth
  • Life
  • Life lessons
  • Lifestyle
  • loneliness
  • love
  • marriage advice
  • Mental Health & Well-Being
  • Mental Wellness
  • Mindfulness
  • Mindset
  • Modern Life
  • Money Mindset
  • Peace
  • Personal Finance
  • Personal Growth
  • Philosophy
  • Relationships
  • Self improvement
  • Self respect
  • Self-Care
  • Small Business
  • spirituality
  • storytelling
  • Work-Life Balance
  • Workplace
  • आज की ज़िंदगी
  • आत्म-विकास
  • जीवन और रिश्ते
  • जीवन और सोच
  • मन की बातें
  • मानसिक स्वास्थ्य



Recent Posts

  • I Am Enough – Learning to stand still in a world that demands constant proof
  • The Turtle Theory: Why Slow, Steady Movement Wins in a World Obsessed With Speed
  • The Morning After Love Left
  • Why Opening Up About Depression Is Not Weakness, It Is Survival
  • The Art of Contentment in an Imperfect Life
  • बिना प्लान के पैसा हमेशा रास्ता भटक जाता है Financial Wisdom
  • 2026 के लिए ज़िंदगी की छोटी-छोटी ख्वाहिशें
    2026 के लिए ज़िंदगी की छोटी-छोटी ख्वाहिशें – जो पाने से ज़्यादा, महसूस करने के लिए हैं Life lessons
  • खुशी जितना बाँटते हैं उतनी ही बढ़ती जाती है - Truth of happiness
    खुशी जितना बाँटते हैं उतनी ही बढ़ती जाती है – Truth of happiness Buddha teachings
  • पैसा आपको खुश करने के लिए है, लोगों को दिखाने के लिए नहीं है
    पैसा आपको खुश करने के लिए है, लोगों को दिखाने के लिए नहीं है Financial Wisdom
  • Me Time: Kyun Yeh Sirf Luxury Nahi, Balki Zindagi Ki Zarurat Hai
    Me Time: Kyun Yeh Sirf Luxury Nahi, Balki Zindagi Ki Zarurat Hai Emotional Wellbeing
  • तूफान के बीच भी शांत कैसे रहें: असली शांति वही है जो हालात पर निर्भर न हो Buddha teachings
  • जिस दिनचर्या को आप उबाऊ कहते रहते हैं, वही आपका भविष्य तय कर रही होती है
    जिस दिनचर्या को आप उबाऊ कहते रहते हैं, वही आपका भविष्य तय कर रही होती है Life
  • लोग क्या सोचते हैं, यह छोड़ दो और सुकून की नींद चुनो Life lessons

Copyright © 2026 Desi banjara.

Powered by PressBook News WordPress theme